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राजस्थान: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल, बाल विवाह पर चला जागरूकता अभियान
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: नारेहड़ा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटपुतली-बहरोड़ के अध्यक्ष रवि शर्मा एवं सचिव नीलम मीणा के निर्देशानुसार बाल विवाह उन्मूलन एवं कानूनी जागरूकता को लेकर एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
विस्तार
राजस्थान: नारेहड़ा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटपुतली-बहरोड़ के अध्यक्ष रवि शर्मा एवं सचिव नीलम मीणा के निर्देशानुसार बाल विवाह उन्मूलन एवं कानूनी जागरूकता को लेकर एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों और ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। शिविर के दौरान "बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं कानून विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले एक छात्र एवं एक छात्रा को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।निजी स्कूल में संजय जोशी तथा ग्राम पंचायत परिसर में दीक्षा शर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है। घरेलू हिंसा एवं शोषण की आशंका बढ़ जाती है तथा कम उम्र में गर्भधारण के कारण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। शिविर में बाल विवाह प्रतिषेध कानून सहित महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने और शिक्षा के माध्यम से जागरूकत बढ़ाने का आह्वान किया। इस मौके पर स्कूल निदेशक रतन लाल सैनी ने भी विद्यार्थियों को जागरूक किया ओर उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटपुतली बहरोड़ द्वारा समय समय इस तरह के जागरूकता शिविर आयोजित होते रहना चाहिए।
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