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छत्तीसगढ़: मोबाइल निकालने के लिए खाली कराया डैम, फूड इंस्पेक्टर हुआ सस्पेंड, ₹53 हजार का लगा जुर्माना
- Photo by : SOCIAL MEDIA
विस्तार
छत्तीसगढ़: कांकेर जिले से प्रशासनिक लापरवाही और संसाधनों की बर्बादी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक फूड इंस्पेक्टर ने अपना महंगा मोबाइल फोन निकालने के लिए पूरे डैम का पानी खाली करवा दिया। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया है, साथ ही उस पर 53 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। जानकारी के अनुसार कांकेर जिले में पदस्थ फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास का लगभग 96 हजार रुपये कीमत वाला Samsung Galaxy S20 Ultra मोबाइल फोन डैम में गिर गया था। फोन को वापस पाने की कोशिश में अधिकारी ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी। आरोप है कि फोन निकालने के लिए डैम का करीब 21 लाख लीटर पानी बाहर निकाल दिया गया। बताया जा रहा है कि इस काम के लिए 30-30 हॉर्सपावर के दो डीजल पंप लगातार तीन दिनों तक चलाए गए। पानी को लगातार बाहर निकाला गया ताकि डैम का जलस्तर कम हो सके और मोबाइल फोन तक पहुंचा जा सके। आखिरकार फोन तो मिल गया, लेकिन तब तक वह पूरी तरह खराब हो चुका था और इस्तेमाल के लायक नहीं बचा। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि जिस पानी को बर्बाद किया गया, उसका उपयोग खेती, पशुओं और ग्रामीण जरूरतों के लिए होना था। भीषण गर्मी के मौसम में इतनी बड़ी मात्रा में पानी बहाना बेहद गैरजिम्मेदाराना कदम है। जांच में यह भी सामने आया कि डैम से पानी निकालने की कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी। हालांकि संबंधित एसडीओ द्वारा मौखिक अनुमति देने की बात कही गई, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही माना। इसके बाद जिला कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास को निलंबित कर दिया। वहीं जल संसाधन विभाग ने बिना वैधानिक अनुमति पानी बर्बाद करने के मामले में राजेश विश्वास पर ₹53,092 का जुर्माना लगाया है। साथ ही संबंधित एसडीओ को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है कि आखिर किस आधार पर मौखिक अनुमति दी गई। इस घटना ने सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का बड़ा उदाहरण बता रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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