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गुजरात: किसान आंदोलन को न्याय एवं अधिकार समिति का समर्थन, हाईटेंशन लाइन मुआवजे की उठी मांग

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 02/07/2026 12:43:44 pm Share:
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  • 02/07/2026 12:43:44 pm
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गुजरात: न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री परसोत्तमभाई एन. मुंगरा ने मोरबी जिले के जेतपर गांव में चल रहे किसान आंदोलन को न्याय एवं अधिकार समिति के सभी सदस्यों, तालुका, जिला, राज्य स्तर के पदाधिकारियों, मीडिया प्रभारी, सचिवों ने किसान आंदोलन को पूरी टीम ने किसानों के हित के लिए समर्थन घोषित किया है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष परसोत्तमभाई एन. मुंगरा ने राज्य के कृषि मंत्री श्री जीतूभाई वाघानी साहब, उप मुख्यमंत्री श्री हर्षभाई संघवी साहब, माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल साहब और साथ ही ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर निवेदन किया है। कि किसानों को हाई-टेंशन इलेक्ट्रिक पोल और तारों का उचित मुआवजा मिले, इसके लिए गुजरात सरकार के मंत्रियों को पत्र लिखा है। उसमें उन्होंने यह भी बताया है कि किसानों को उनकी मांग के अनुसार शीघ्र मुआवजा मिले और किसानों को उनके हक एवं अधिकार मिलें, इसके लिए राज्य सरकार से विनती की है। 

किसान आंदोलन का जल्द से जल्द अंत आए, इसके लिए प्रयास किए हैं। राज्य सरकार गुजरात के किसानों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाए। इस मामले में जल्द से जल्द बैठक बुलाकर त्वरित निर्णय ले। और गुजरात के आंदोलनकारी किसानों किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले कलाकार श्री हक्काभा गढवी को और साथ ही किसान नेताओं को और गैर-राजनीतिक रूप से लड़ने वाले सभी सामाजिक नेताओं विभिन्न समितियों के नेताओं किसी भी पार्टी के किसान नेताओं को, जो गैर-राजनीतिक रूप से किसानों के लिए उनके हक और अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, उन नेताओं को और साथ ही किसी भी पार्टी के नेताओं को जो नेताओं को और साथ ही किसी भी पार्टी के नेताओं को जो केवल किसानों के लिए गैर-राजनीतिक रूप से लड़ रहे हैं। गैर-राजनीतिक रूप से लड़ने वाले सरपंचों गैर-राजनीतिक रूप से लड़ने वाले विधायकों के बाद भले ही वे किसी भी पार्टी के हो सकते हैं। लेकिन वे किसान हैं, इसलिए सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए उन्हें गांधीनगर आमंत्रित करना चाहिए। 

इस बात पर न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष परसोत्तमभाई एन. मुंगरा को भी गुजरात सरकार को किसानों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें भी बुलाना चाहिए, ऐसा किसानों का मानना है। और किसान नेता परेशभाई गोस्वामी और किसान नेता श्री पालभाई आंबलिया, किसानों के लिए और जनता के लिए लड़ने वाले श्री गोपालभाई इटालिया साहब, विधायक सदस्य जो किसानों के लिए लड़ रहे हैं श्री इसुदान गढ़वी साहब, नेता श्री मनोज सोरठिया, नेता श्री प्रवीण राम, नेता श्री मनोजभाई पनारा, किसान नेता श्री कालुभाई, किसान नेता श्री कांति अमृतीयानाभाई और किसान लड़ाई लड़ रही समिति के नेताओं के साथ-साथ उपवास छावनी शिविर में उपवास कर रहे किसानों और किसानों के लिए लड़ते हुए मुंडन कराने वाले किसानों को राज्य सरकार को किसानों के न्याय के लिए गांधीनगर बुलाना चाहिए। जो किसानों के हित के लिए वास्तव में लड़ाई लड़ रहे हैं। और किसानों के लिए लड़ाई लड़ रही महिलाओं को भी बुलाना चाहिए। हाई-टेंशन लाइन के मुद्दे पर लगातार किसानों और जनता की आवाज उठाने वाली पत्रकार काजलबेन सुवा को भी सम्मानित किया जाना चाहिए, जो किसानों की आवाज बनकर लड़ाई लड़ रही हैं। जो निस्वार्थ भाव से एक निडर पत्रकार और किसान परिवार की बेटी हैं, जो किसानों के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं।