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हरियाणा: जिला जनगणना हस्तपुस्तिका की तैयारी शुरू, आधारभूत सुविधाओं का होगा डिजिटल सर्वे
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विस्तार
हरियाणा: डीसी अपराजिता ने कहा कि जनगणना 2027 के तहत हाउस लिस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। अब जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार की जाएगी। इस कार्य को पूरी गंभीरता, गुणवत्ता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। यह दस्तावेज आने वाले वर्षों के लिए जिले का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होगा। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए तथ्यात्मक डेटा एकत्र करें। डीसी मंगलवार को लघु सचिवालय में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका की तैयारियों को लेकर राजस्व एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक से पूर्व जनगणना निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिला उपायुक्तों को डीसीएचबी की तैयारी, प्रक्रिया, समय-सीमा तथा डिजिटल प्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। डीसी अपराजिता ने कहा कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका किसी जिले का महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है, जिसमें राजस्व गांव स्तर तक की ऐतिहासिक, सामाजिक, आर्थिक एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी होती है। यह दस्तावेज प्रशासनिक योजनाओं के निर्माण, विकास कार्यों, नीति निर्धारण आदि के लिए बहुत उपयोगी होता है। संबंधित अधिकारी इस कार्य को गंभीरता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करे। बैठक में बताया गया कि डीसीएचबी का पूरा कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। गांव स्तर का डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्रित किया जाएगा। पूर्व में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई डिजिटल प्रणाली की तर्ज पर इस कार्य की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। जनगणना निदेशालय के अधिकारियों द्वारा बताया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का पहला प्रकाशन वर्ष 1951 में हुआ था। इसका भाग-ए में जिले के इतिहास, संस्कृति, भौगोलिक स्थिति, प्रमुख उद्योगों एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों पर आधारित होगा, जबकि भाग-बी में अंतिम जनगणना परिणामों के आधार पर गांव एवं नगरवार आंकड़े तथा मानचित्र शामिल किए जाएंगे।
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