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गुजरात: चलादर दुग्ध उत्पादक सहकारी मंडली में अनियमितताओं के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

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गुजरात  Published by: Makvana Narasinhbhai Nagajibhai , Date: 01/09/2026 03:53:28 pm Share:
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संक्षेप

गुजरात: चलादर दुग्ध उत्पादक सहकारी मंडली के संचालन को लेकर पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों से जुड़े कई गंभीर आरोप सामने आए हैं।

विस्तार

गुजरात: चलादर दुग्ध उत्पादक सहकारी मंडली के संचालन को लेकर पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों से जुड़े कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। मंडली के मंत्री, चेयरमैन और सदस्यों पर कथित तौर पर पशुपालकों के शोषण, वर्षों से चुनाव नहीं कराने, निजी जमीन पर दूधघर का निर्माण कराने तथा ऋण वितरण में अनियमितता समेत कई आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों को लेकर संबंधित विभागों से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। जारी प्रेस नोट में आरोप लगाया गया है कि मंडली में वर्षों से नियमानुसार चुनाव नहीं कराए गए हैं। आरोप लगाने वाले पक्ष का दावा है कि कुछ लोगों को पहले से ही सदस्य बनाए जाने के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।

निजी जमीन पर दूधघर बनाने का आरोप

प्रेस नोट के अनुसार, मंडली की स्थापना के समय दूधघर का भवन कथित तौर पर मंडली के मंत्री मानजी रतनशी पटेल की निजी जमीन पर बनाया गया। आरोप है कि इसके लिए कोई किराया समझौता नहीं किया गया और यह व्यवस्था निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं है। मामले की जांच की मांग की गई है।

15 लाख रुपये के ऋण पर सवाल

मंडली की कार्यप्रणाली को लेकर करीब 15 लाख रुपये के ऋण वितरण पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मंडली के मंत्री द्वारा पशुपालकों, सदस्यों और कथित तौर पर गैर-सदस्यों को ब्याज पर ऋण दिया गया। आरोप लगाने वाले पक्ष के अनुसार, ऋण की मूल राशि और ब्याज की वसूली दूध के भुगतान से की जा रही है।

 चेयरमैन और सदस्यता को लेकर भी आरोप

प्रेस नोट में अजय (अजाभाई) करशनभाई फोक को चेयरमैन बनाए जाने पर भी सवाल उठाया गया है। आरोप है कि वे मंडली के सदस्य नहीं हैं। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के नाम रिकॉर्ड में सदस्य के रूप में दर्ज होने का भी दावा किया गया है, जबकि आरोप लगाने वाले पक्ष के अनुसार उन्हें सदस्य नहीं बनाया गया था।

 मुफ्त दूध और भुगतान के आरोप

मंडली के मंत्री पर अपने समर्थकों और करीबी लोगों को कथित तौर पर सुबह-शाम मुफ्त दूध उपलब्ध कराने तथा प्रतिशत के आधार पर मासिक रकम देने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा मंडली से संबंधित शिकायतों और अर्जियों को प्रभावित करने के लिए धन खर्च किए जाने का दावा किया गया है।

 संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल

प्रेस नोट में मंत्री की संपत्ति और निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। खेत में बंगला, उनके भाई के बंगले तथा घर पर कथित तौर पर करीब 50 लाख रुपये की लागत से तबेले के निर्माण का उल्लेख करते हुए धन के स्रोत की जांच की मांग की गई है।

चुनाव नहीं होने पर उठे सवाल

आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि मंडली में लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण संचालन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रेस नोट में बनास डेयरी के कर्मचारियों, रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारियों, मंडली के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों को कथित तौर पर मासिक रकम दिए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही मंडली की गतिविधियों और सदस्यों को जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में भी विवाद का उल्लेख किया गया है। प्रेस नोट जारी करने वाले पक्ष ने पूरे मामले की सहकारी विभाग, रजिस्ट्रार कार्यालय और बनास डेयरी प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

हालांकि, प्रेस नोट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभागों की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। आरोपों पर मंडली के संबंधित पदाधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जा सकता है।