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उत्तर प्रदेश: सवर्ण न्याय पद यात्रा रोकने पर भड़का आक्रोश, प्रशासन पर उठे सवाल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Rakesh Kumar Sharma , Date: 01/09/2026 03:42:55 pm Share:
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  • 01/09/2026 03:42:55 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद सहारनपुर के कस्बा रामपुर मोरा गांव के युवाओं द्वारा सवर्ण न्याय पद यात्रा के संबंध में एसडीएम रामपुर को ज्ञापन दिए जाने के दौरान राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रद्युम्न शर्मा ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा रोष व्यक्त किया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद सहारनपुर के कस्बा रामपुर मोरा गांव के युवाओं द्वारा सवर्ण न्याय पद यात्रा के संबंध में एसडीएम रामपुर को ज्ञापन दिए जाने के दौरान राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रद्युम्न शर्मा ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सवर्ण समाज की आवाज को प्रशासन द्वारा दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रद्युम्न शर्मा ने कहा कि समाज के लोगों का आरोप है कि जाति आधारित कानूनों के दुरुपयोग के कारण आम जनमानस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यूजीसी संशोधन, एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग तथा जातिगत आरक्षण जैसे विषयों पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि प्रतिभा का सम्मान और समान अवसर ही देश एवं समाज की उन्नति का आधार है।


उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज फर्जी अथवा झूठे मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा जांच में आरोप निराधार पाए जाने पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न करना नहीं होना चाहिए। प्रद्युम्न शर्मा ने बताया कि 30 अक्टूबर से प्रस्तावित 15 दिवसीय सवर्ण न्याय पद यात्रा मां शाकंभरी देवी भवन से प्रारंभ होकर जिले के प्रत्येक गांव से होकर गुजरने वाली थी। उनके अनुसार प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बलपूर्वक इस यात्रा को रोक दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कल रात से ही होम अरेस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों और समाज की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।

राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ ने कहा कि संगठन सभी धर्मों, वर्गों और जातियों के सम्मान एवं समान अधिकार के लिए संकल्पित है। संगठन समान शिक्षा, समान अवसर तथा आर्थिक रूप से कमजोर प्रत्येक व्यक्ति को संरक्षण एवं अवसर दिए जाने का पक्षधर है। प्रद्युम्न शर्मा ने प्रशासन से मांग की कि समाज की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए, शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधियों में अनावश्यक बाधा न डाली जाए तथा सभी नागरिकों को समान न्याय एवं अवसर सुनिश्चित किए जाएं।